मैच के बाद भारत-बांग्लादेश अंडर-19 खिलाड़ियों ने मिलाए हाथ, टॉस विवाद पर बीसीबी ने दी सफाई
भारत और बांग्लादेश के बीच खेले गए अंडर-19 विश्व कप मुकाबले के बाद खिलाड़ियों द्वारा एक-दूसरे से हाथ मिलाने की तस्वीर सामने आई, जिसने टॉस के दौरान हुए विवाद को काफी हद तक शांत कर दिया। यह मामला इसलिए चर्चा में आया था क्योंकि टॉस के समय दोनों टीमों के कप्तानों ने एक-दूसरे से हाथ नहीं मिलाए थे, जिससे एशिया कप के दौरान भारत-पाकिस्तान के बीच हुई इसी तरह की घटना की याद ताजा हो गई थी।
टॉस के दौरान हाथ क्यों नहीं मिलाए गए?
टॉस के समय हाथ न मिलाने को लेकर बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) ने पहले ही स्पष्टीकरण जारी किया था। बीसीबी ने स्पष्ट किया कि यह घटना किसी भी तरह के अनादर का संकेत नहीं थी और यह पूरी तरह अनजाने में हुई चूक थी।
बीसीबी के अनुसार, नियमित कप्तान अजिजुल हकीम मैच से पहले बीमार हो गए थे, जिसके कारण उपकप्तान जावेद अबरार टॉस के लिए आए थे। बोर्ड ने कहा कि अबरार के ध्यान से यह बात निकल गई और यह क्षणिक असावधानी का परिणाम था, न कि किसी तरह की जानबूझकर की गई हरकत।
भारत ने रोमांचक मुकाबले में दर्ज की जीत
शनिवार को खेले गए इस बारिश से प्रभावित मुकाबले में आयुष म्हात्रे की अगुवाई वाली भारतीय अंडर-19 टीम ने 18 रन से शानदार जीत दर्ज की। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए अभिज्ञान कुंडू और वैभव सूर्यवंशी की अर्धशतकीय पारियों की बदौलत 48.4 ओवर में 238 रन बनाए।
बारिश के कारण बांग्लादेश को डीएलएस प्रणाली के तहत 29 ओवर में 165 रनों का संशोधित लक्ष्य मिला, लेकिन टीम 28.3 ओवर में 146 रन पर ही सिमट गई। बांग्लादेश की ओर से कप्तान अजिजुल हकीम ने सर्वाधिक 51 रन बनाए।
भारत की गेंदबाजी में विहान मल्होत्रा ने चार विकेट झटके, जबकि खिलान पटेल ने दो विकेट लिए। इसके अलावा दीपेश देवेंद्रन, हेनिल पटेल और कनिष्क चौहान को एक-एक सफलता मिली।
बीसीबी का आधिकारिक बयान
मैच के बाद बीसीबी ने एक बार फिर अपनी बात दोहराते हुए कहा,
“विपक्षी कप्तान से हाथ न मिलाना पूरी तरह अनजाने में हुआ और यह एक क्षणिक असावधानी का परिणाम था। इसका उद्देश्य किसी भी प्रकार का अनादर या असम्मान दिखाना नहीं था।”
बोर्ड ने यह भी कहा कि इस घटना को गंभीरता से लिया गया है, क्योंकि खेल भावना और विरोधी टीम के प्रति सम्मान बनाए रखना बांग्लादेश का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रत्येक खिलाड़ी की बुनियादी जिम्मेदारी है। टीम प्रबंधन को तत्काल आवश्यक निर्देश दिए गए और खिलाड़ियों को खेल भावना, आपसी सम्मान और सौहार्द बनाए रखने की याद दिलाई गई।