टाइप-1 डायबिटीज पर जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल हुए शामिल
राजनांदगांव। खैरागढ़ स्थित इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय में बाल मधुमेह (टाइप-1 डायबिटीज) को लेकर एक जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने की। यह आयोजन स्वास्थ्य विभाग, यूनिसेफ छत्तीसगढ़ और एमसीसीआर ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ, जिसका उद्देश्य बच्चों में टाइप-1 डायबिटीज की समय पर पहचान, प्रभावी उपचार और समुदाय स्तर पर जागरूकता बढ़ाना रहा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, स्वास्थ्य विशेषज्ञ और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
समय पर इलाज से सामान्य जीवन संभव
कार्यशाला को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने कहा कि टाइप-1 डायबिटीज एक ऑटोइम्यून बीमारी है और यह संक्रामक नहीं होती। इस बीमारी में शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली इंसुलिन बनाने वाली कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाती है। उन्होंने बताया कि समय पर जांच, नियमित इंसुलिन, संतुलित आहार और सही जीवनशैली प्रबंधन से इससे प्रभावित बच्चे भी सामान्य और सक्रिय जीवन जी सकते हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने अभिभावकों से अपील की कि यदि बच्चों में अत्यधिक प्यास लगना, बार-बार पेशाब आना, अचानक वजन कम होना, कमजोरी या अत्यधिक थकान जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बाल मधुमेह से पीड़ित बच्चों के उपचार, परामर्श और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की घोषणाएं
इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री ने जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में सोनोग्राफी मशीनें और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में एक्सरे मशीनें उपलब्ध कराने की बात कही। साथ ही भविष्य में सीटी स्कैन मशीनें उपलब्ध कराने की भी घोषणा की।उन्होंने बताया कि जिले को छह नई एंबुलेंस और एक विशेष एंबुलेंस की सौगात दी जाएगी। इसके अलावा आगामी समय में सिविल अस्पताल खैरागढ़ में 50 बिस्तरों वाला मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य (एमसीएच) भवन स्थापित किया जाएगा। स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने के लिए 100 नए पदों पर शीघ्र भर्ती की जाएगी।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि नए जिला अस्पताल के निर्माण तक खैरागढ़ में संचालित अस्पताल को जिला अस्पताल के अनुरूप सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके लिए उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) को शीघ्र मांग प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए।