बस्तर में नक्सलवाद का अंत निर्णायक चरण में, CM विष्णुदेव साय ने समग्र विकास पर की समीक्षा
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि बस्तर में नक्सलवाद का अंत अब निर्णायक चरण में पहुंच चुका है। उन्होंने बताया कि सतत संवाद, विकास कार्य और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के माध्यम से लोगों का विश्वास और मजबूत किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने ‘डबल इंजन’ सरकार का लक्ष्य बस्तर का समग्र विकास बताया, जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और पर्यटन शामिल हैं।
सीएम साय ने मंत्रालय महानदी भवन में बस्तर अंचल के समग्र विकास पर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि आगामी तीन वर्षों के लिए बस्तर के विकास का विस्तृत एक्शन प्लान तैयार कर मिशन मोड में लागू किया जाएगा। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय से काम करने और सचिवों को क्षेत्र का दौरा कर योजनाओं की जमीनी प्रगति की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए।
सीएम ने कहा कि नक्सलवाद की समाप्ति के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सड़क, पेयजल, बिजली और संचार जैसी मूलभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार जरूरी है, ताकि दूरदराज के क्षेत्रों तक विकास की रोशनी पहुँचे और शासन पर लोगों का भरोसा मजबूत हो। उन्होंने बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों में लोगों की सक्रिय भागीदारी का उल्लेख करते हुए कहा कि बस्तर के लोग विकास और शांति के मार्ग पर आगे बढ़ने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
बैठक में मुख्यमंत्री ने पेयजल, विद्युतीकरण और मोबाइल कनेक्टिविटी की गहन समीक्षा की। फ्लोराइड प्रभावित क्षेत्रों में सतही जल स्रोतों से आपूर्ति व्यवस्था सुनिश्चित करने, शेष गांवों का शीघ्र विद्युतीकरण और दूरस्थ इलाकों में मोबाइल टावरों की स्थापना में तेजी लाने के निर्देश दिए। बच्चों के लिए विशेष अभियान चलाकर आधार कार्ड का 100% कवरेज सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
पर्यटन विकास पर चर्चा के दौरान उन्होंने होम-स्टे को प्रोत्साहन देने, बस्तर टूरिज्म कॉरिडोर के निर्माण और युवाओं को पर्यटन आधारित आजीविका से जोड़ने की आवश्यकता बताई। आईआईटीटीएम ग्वालियर से प्रशिक्षित बस्तर के 32 स्थानीय गाइडों को प्रशिक्षण देने की पहल को भी सराहा गया।
बैठक में वनधन केंद्रों के माध्यम से लघु वनोपज के संग्रहण एवं प्रसंस्करण, शिक्षा के क्षेत्र में भवन विहीन स्कूलों के लिए राशि स्वीकृति, नवोदय एवं पीएमश्री स्कूलों का विस्तार, स्वास्थ्य अधोसंरचना का सुदृढ़ीकरण, मेडिकल कॉलेजों की स्थापना, पीएम-अभीम योजना, बाइक एम्बुलेंस सेवा, सिंचाई परियोजनाएं, आंगनबाड़ी एवं बालवाड़ी संचालन, ग्रामीण बस योजना और रोजगार-संबंधी योजनाओं की समीक्षा की गई।
सीएम साय ने सभी संबंधित विभागों को विशेष केंद्रीय सहायता के लिए शीघ्र प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए, ताकि बस्तर का समग्र और टिकाऊ विकास नई गति से आगे बढ़ सके।
बैठक में मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, मुख्यमंत्री के सचिव मुकेश बंसल, पी. दयानंद, डॉ. बसवराजु एस., समस्त विभागीय सचिव और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।