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छत्तीसगढ़ में शीतलहर का असर जारी, अंबिकापुर में 4.9 डिग्री पहुंचा न्यूनतम तापमान

रायपुर। छत्तीसगढ़ में ठंड का असर लगातार बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों तक तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है, हालांकि इसके बाद न्यूनतम तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है। प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में शीतलहर चल रही है और अंबिकापुर में रात का न्यूनतम तापमान 4.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है।

बीते 24 घंटों के दौरान दुर्ग में अधिकतम तापमान 30.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि अंबिकापुर प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा। सुबह और शाम के समय ठंड का असर ज्यादा महसूस किया जा रहा है।

रायगढ़ में स्कूलों के समय में बदलाव

ठंड बढ़ने के कारण रायगढ़ जिले में स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है। जिला प्रशासन के आदेश के अनुसार, दो शिफ्ट में संचालित स्कूलों में पहली शिफ्ट की कक्षाएं सुबह 8:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक और दूसरी शिफ्ट की कक्षाएं दोपहर 12:15 बजे से शाम 4:00 बजे तक लग रही हैं। वहीं, एक शिफ्ट वाले स्कूल सुबह 10:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक खुले रहेंगे। यह व्यवस्था 10 जनवरी से 17 जनवरी तक लागू रहेगी।

पश्चिमी विक्षोभ से बढ़ी ठंड

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से प्रदेश में ठंड बढ़ी है। यह सिस्टम हिमालय और उत्तर भारत से ठंडी हवाओं को दक्षिण की ओर धकेलता है। वहीं, तेज जेट स्ट्रीम इन हवाओं को तेजी से मध्य भारत तक पहुंचा देती है। इसी वजह से उत्तर भारत की ठंड छत्तीसगढ़ तक पहुंच रही है, जिससे रात के तापमान में तेज गिरावट हो रही है और कई इलाकों में शीतलहर की स्थिति बन गई है।

बच्चों की सेहत पर भी असर

कड़ाके की ठंड का असर बच्चों की सेहत पर भी देखने को मिल रहा है। बीते एक महीने में रायपुर के अंबेडकर अस्पताल समेत निजी अस्पतालों में हाइपोथर्मिया के 400 से अधिक मामले सामने आए हैं। बाल एवं शिशु रोग विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों का शरीर वयस्कों की तुलना में जल्दी ठंडा होता है। नवजात शिशुओं में मांसपेशियां कम विकसित होने के कारण वे ठंड सहन नहीं कर पाते, जबकि सीजेरियन डिलीवरी से जन्मे बच्चों में हाइपोथर्मिया का खतरा और बढ़ जाता है।

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