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छत्तीसगढ़ में मकर संक्रांति की धूम, त्रिवेणी संगम से लेकर पतंगोत्सव तक उल्लास

रायपुर। देशभर के साथ छत्तीसगढ़ में भी मकर संक्रांति का पर्व आस्था और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। कड़ाके की ठंड के बावजूद श्रद्धालुओं ने सुबह से ही पवित्र नदियों में आस्था की डुबकी लगाई और मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना की।

गरियाबंद जिले के राजिम त्रिवेणी संगम में तड़के ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। भक्तों ने संगम में स्नान कर दीपदान किया और भगवान कुलेश्वर नाथ व राजीव लोचन का जलाभिषेक किया। ठंड के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नजर नहीं आई।

प्रदेशभर में विशेष आयोजन

मकर संक्रांति के अवसर पर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में विविध आयोजन किए जा रहे हैं। राजधानी रायपुर में कई स्थानों पर पतंगबाजी का आयोजन हुआ, वहीं मंदिरों में दीपोत्सव और विशेष भोग की व्यवस्था की गई है।

भिलाई में सबसे बड़ा पतंग महोत्सव

भिलाई के जयंती स्टेडियम के पास स्थित हेलीपैड ग्राउंड में प्रदेश का सबसे बड़ा पतंग उत्सव आयोजित किया गया है। इसमें भिलाई सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग शामिल हो रहे हैं। इस दौरान पुलिस द्वारा यातायात नियमों के पालन और सुरक्षित पतंगबाजी को लेकर लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है।

रायगढ़ में केलो नदी की महाआरती

रायगढ़ में मकर संक्रांति के मौके पर केलो नदी की भव्य महाआरती का आयोजन किया जा रहा है। केलो उद्धार समिति और छत्तीसगढ़ सांस्कृतिक मंच की ओर से पिछले नौ वर्षों से समलाई घाट में यह आयोजन किया जा रहा है।
यहां 11 पंडितों की अगुवाई में समलाई माता की पूजा-अर्चना होगी। शाम 6 बजे केलो मैया मंदिर में पंडित बृजेश्वर मिश्रा और अन्य पंडित विधिविधान से पूजा कर महाआरती करेंगे। इसके बाद भजन-कीर्तन होगा और श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया जाएगा।

रायपुर में ‘रिश्तों का मंझा – 4.0’

रायपुर में अग्रवाल युवा मंडल की ओर से “रिश्तों का मंझा – 4.0” का भव्य आयोजन किया गया है। यह कार्यक्रम दोपहर 2:30 बजे से शाम 7 बजे तक एस.एन. पैलेस, सेरीखेड़ी में आयोजित होगा।
आयोजकों के अनुसार, पतंगोत्सव के माध्यम से समाज में प्रेम, सौहार्द और पारिवारिक रिश्तों को मजबूत करने का संदेश दिया जाएगा। कार्यक्रम में लाइव म्यूजिक, भोजन और पतंग किट जैसी व्यवस्थाएं की गई हैं। यह आयोजन केवल अग्रवाल समाज के लिए रखा गया है।

मंदिरों में विशेष पूजा और दीपोत्सव

रायपुर के प्रसिद्ध दूधाधारी मठ में 472 साल पुरानी परंपरा के अनुसार मकर संक्रांति मनाई जा रही है। मठाधीश द्वारा फलादेश सुनाया जाएगा और भगवान को तिल व खिचड़ी का भोग लगाया जाएगा।
टाटीबंध स्थित अयप्पा मंदिर में मलयाली समाज द्वारा दीप उत्सव मनाया जा रहा है, जहां हजारों दीपों से मंदिर को सजाया गया है। वहीं, गुजराती समाज द्वारा बूढ़ापारा स्थित सप्रे स्कूल मैदान में पतंग उत्सव का आयोजन किया गया है।

बलरामपुर में CM साय बच्चों संग उड़ाएंगे पतंग

रामानुजगंज जिले में मकर संक्रांति के अवसर पर 14 से 16 जनवरी तक तातापानी महोत्सव का आयोजन हो रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज तातापानी पहुंचकर तपेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे। इसके बाद मंदिर परिसर में स्थित विशाल शिव प्रतिमा का अवलोकन करेंगे और बच्चों के साथ पतंग उड़ाएंगे।
इस अवसर पर 200 जोड़ों का सामूहिक विवाह भी संपन्न कराया जाएगा।

प्रदेशभर में मकर संक्रांति का पर्व आस्था, परंपरा और उत्सव के रंग में रंगा नजर आ रहा है।

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