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चिंगरी नाला मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी का हमला, स्थायी समाधान की मांग

रायपुर। रायपुर के चिंगरी नाला की समस्या को लेकर नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने नगर निगम और राज्य सरकार पर सवाल खड़े किए हैं। 13 जनवरी को मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने के बाद उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम स्थायी समाधान की बजाय सिर्फ खानापूर्ति कर रहा है। नाले से कचरा तो निकलवाया जा रहा है, लेकिन कुछ ही दिनों में हालात फिर पहले जैसे हो जाते हैं।

आकाश तिवारी ने बताया कि चिंगरी नाला के स्थायी समाधान के लिए दिसंबर 2024 में डीपीआर तैयार कर राज्य शासन को प्रस्ताव भेजा गया था। इसके बावजूद जब कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो 11 मार्च 2025 को नगर निगम आयुक्त ने करीब 11 करोड़ रुपए का प्रस्ताव दोबारा स्वीकृति के लिए भेजा। हैरानी की बात यह है कि अब तक इस प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिली है।

उन्होंने सवाल उठाया कि ट्रिपल इंजन की सरकार होने के बावजूद यह महत्वपूर्ण प्रस्ताव क्यों अटका हुआ है। प्रस्ताव लंबित रहने के कारण नगर निगम केवल नाले की ऊपरी सफाई तक सीमित है, जिसे नेता प्रतिपक्ष ने खानापूर्ति बताया।

स्थायी समाधान के लिए तकनीकी सुधार जरूरी

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि चिंगरी नाला की समस्या के स्थायी समाधान के लिए नाले की दीवार की ऊंचाई बढ़ाना, डायवर्जन और तकनीकी सुधार बेहद जरूरी हैं, लेकिन इस दिशा में कोई गंभीर प्रयास नहीं किए जा रहे हैं।

एसटीपी प्लांट की उपलब्धि का भी जिक्र

आकाश तिवारी ने यह भी याद दिलाया कि पिछले कार्यकाल में लगाए गए एसटीपी प्लांट को देशभर में 4-स्टार रैंकिंग मिली थी, जिसके चलते रायपुर नगर निगम को प्रोत्साहन स्वरूप 8 करोड़ 75 लाख रुपए की राशि प्राप्त हुई थी। उनका कहना है कि इस राशि का उपयोग चिंगरी नाला में स्क्रीनिंग वॉल और अन्य स्थायी कार्यों के लिए किया जा सकता था, लेकिन नगर निगम ने इस अवसर को भी गंवा दिया।

महापौर के दौरे के बाद भी सिर्फ सफाई

उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले महापौर ने भी चिंगरी नाला का दौरा किया था, लेकिन उसके बाद भी केवल कचरा हटाने की कार्रवाई हुई। स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया।

नेता प्रतिपक्ष ने चेतावनी दी कि चिंगरी नाला की अनदेखी आम लोगों के जीवन और स्वास्थ्य से सीधा खिलवाड़ है। मौके पर मौजूद नगर निगम अधिकारियों के सामने उन्होंने साफ कहा कि जब तक 11 करोड़ रुपए के प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिलती, तब तक चिंगरी नाला की समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है।

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