ईरान में प्रदर्शनकारी इरफान सुलतानी को फांसी, विरोध प्रदर्शन 18वें दिन भी जारी
तेहरान। ईरान में 26 वर्षीय प्रदर्शनकारी इरफान सुलतानी को आज फांसी दी जा सकती है। उन्हें 8 जनवरी को गिरफ्तार किया गया था और 11 जनवरी को ही मौत की सजा सुनाई गई। सुलतानी पर सरकार के खिलाफ हिंसा भड़काने और ‘मोहरेबेह’ (ईश्वर के खिलाफ युद्ध) का आरोप है। उनके ट्रायल या अपील का कोई मौका नहीं दिया गया और परिवार को अंतिम मुलाकात के लिए केवल 10 मिनट का समय मिलेगा।
देश में विरोध प्रदर्शन 18वें दिन भी जारी हैं। मानवाधिकार समूहों का कहना है कि यह फास्ट-ट्रैक फांसी अन्य प्रदर्शनकारियों में डर फैलाने के उद्देश्य से की जा रही है। ईरान इंटरनेशनल के अनुसार, बीते 17 दिनों में लगभग 12 हजार प्रदर्शनकारी मारे गए हैं। अधिकांश हत्याएं रेवोल्यूशनरी गार्ड्स और बसीज फोर्स ने सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के आदेश पर की हैं।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया भी तेज है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने चेतावनी दी है कि प्रदर्शनकारियों की फांसी पर अमेरिका कड़ा जवाब देगा। उन्होंने ईरान के साथ सभी बैठकों को रद्द कर दिया है और सैन्य कार्रवाई के लिए सेना को तैयार रहने के आदेश दिए हैं। इसके अलावा ईरान के साथ कारोबार करने वाले देशों पर 25% अतिरिक्त टैरिफ लगाने की घोषणा की गई।
ईरान के विरोध प्रदर्शनों और हिंसा के बीच, निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी ने कहा है कि वे देश में लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण बदलाव के लिए तैयार हैं। प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों का अंतिम संस्कार तेहरान यूनिवर्सिटी में किया जाएगा।