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सोना-चांदी फिर ऑल टाइम हाई पर: दो दिन में चांदी 20 हजार महंगी, गोल्ड 1.40 लाख के पार

नई दिल्ली।
सोने और चांदी की कीमतों में तेजी थमने का नाम नहीं ले रही है। आज 13 जनवरी को लगातार दूसरे दिन दोनों कीमती धातुएं ऑल टाइम हाई पर पहुंच गईं। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, एक किलो चांदी की कीमत 6,566 रुपए बढ़कर 2,62,742 रुपए हो गई। इससे पहले सोमवार को चांदी ने 2,57,283 रुपए का रिकॉर्ड बनाया था। यानी सिर्फ दो दिनों में चांदी करीब 20 हजार रुपए महंगी हो चुकी है।

वहीं सोने की बात करें तो 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव 33 रुपए बढ़कर 1,40,482 रुपए प्रति 10 ग्राम के ऑल टाइम हाई पर पहुंच गया है। सोमवार को यह 1,40,449 रुपए था।

शहरों में अलग-अलग क्यों होते हैं रेट
IBJA द्वारा जारी कीमतों में 3% जीएसटी, मेकिंग चार्ज और ज्वेलर्स का मार्जिन शामिल नहीं होता। इसी वजह से अलग-अलग शहरों में सोने-चांदी के रेट अलग नजर आते हैं। IBJA के भाव का इस्तेमाल RBI सोवरेन गोल्ड बॉन्ड के दाम तय करने और कई बैंक गोल्ड लोन की दरें निर्धारित करने में करते हैं।

2025 में रिकॉर्ड तेजी
पिछले साल यानी 2025 में सोने और चांदी दोनों ने ऐतिहासिक बढ़त दर्ज की।
सोना सालभर में 57,033 रुपए यानी करीब 75% महंगा हुआ। 31 दिसंबर 2024 को 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 76,162 रुपए था, जो 31 दिसंबर 2025 को बढ़कर 1,33,195 रुपए हो गया।
चांदी में इससे भी ज्यादा तेजी देखी गई। एक किलो चांदी की कीमत 2025 में 1,44,403 रुपए यानी करीब 167% बढ़ी। 31 दिसंबर 2024 को चांदी 86,017 रुपए प्रति किलो थी, जो साल के अंत तक 2,30,420 रुपए हो गई।

सोने में तेजी के 3 बड़े कारण

  1. डॉलर की कमजोरी – अमेरिका में ब्याज दरें घटने से डॉलर कमजोर हुआ, जिससे सोना रखना सस्ता पड़ा और निवेश बढ़ा।
  2. जियोपॉलिटिकल तनाव – रूस-यूक्रेन जंग और वैश्विक तनाव के बीच निवेशक सोने को सुरक्षित निवेश मानकर खरीदारी कर रहे हैं।
  3. सेंट्रल बैंक खरीदारी – चीन जैसे देश अपने रिजर्व बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर सोना खरीद रहे हैं। अनुमान है कि सालभर में 900 टन से ज्यादा खरीद हुई है।

चांदी में तेजी के 3 प्रमुख कारण

  1. इंडस्ट्रियल डिमांड – सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स में इस्तेमाल बढ़ने से चांदी की मांग तेज हुई है।
  2. ट्रंप टैरिफ का डर – संभावित टैरिफ के चलते अमेरिकी कंपनियां चांदी का भारी स्टॉक जमा कर रही हैं, जिससे ग्लोबल सप्लाई घट गई।
  3. मैन्युफैक्चरर्स की होड़ – उत्पादन बाधित होने की आशंका से कंपनियां पहले ही खरीदारी कर रही हैं, जिससे कीमतें और ऊपर जा रही हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा वैश्विक हालात को देखते हुए आने वाले महीनों में भी सोने-चांदी में तेजी बनी रह सकती है।

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