लाइक-शेयर टास्क के नाम पर 22 लाख की ठगी, सेंट पॉल्स स्कूल की प्राचार्य बनीं शिकार
रायपुर में साइबर ठगों ने इंस्टाग्राम और फेसबुक पर लाइक-शेयर करने के टास्क के बदले मुनाफा देने का झांसा देकर सेंट पॉल्स स्कूल की प्राचार्य मनीषा कुलदीप से 22 लाख 11 हजार रुपये की ठगी कर ली। पीड़िता ने मामले की शिकायत सरस्वती नगर थाना में दर्ज कराई है। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्राचार्य मनीषा कुलदीप ने पुलिस को बताया कि वह भवानी नगर, कोटा की रहने वाली हैं। 20 सितंबर को उन्हें ‘क्वालिटी टास्क लिंकेज’ नामक एक टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ा गया था, जहां ऑनलाइन टास्क पूरा करने पर कमाई की बात कही जा रही थी। ग्रुप के सदस्यों की बातों से प्रभावित होकर वह भी इसमें शामिल हो गईं।
छोटे भुगतान से जीता भरोसा
शुरुआत में उन्हें इंस्टाग्राम और फेसबुक आईडी पर लाइक-शेयर करने के लिए कहा गया और अकाउंट की जानकारी ली गई। पहले 150 रुपये और फिर 500 रुपये जमा कराने पर उन्हें 730 रुपये का भुगतान किया गया। इससे उनका भरोसा जीत लिया गया और बाद में बड़ी रकम जमा कराने का दबाव बनाया जाने लगा।
किश्तों में जमा कराए 22 लाख से अधिक
ठगों के झांसे में आकर प्राचार्य ने पहले 5 लाख रुपये जमा किए। इसके बाद लोन लेकर और अपने पति व भाई से पैसे लेकर कुल 22 लाख 11 हजार रुपये अलग-अलग किश्तों में जमा करा दिए। रकम जमा होने के बाद ठगों ने भुगतान करने से इनकार कर दिया और रजिस्ट्रेशन के नाम पर लगातार और पैसे मांगने लगे।
जब प्राचार्य ने अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपियों ने टेलीग्राम ग्रुप में जवाब देना बंद कर दिया। ठगी का एहसास होने पर उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
इन खातों में जमा कराए गए पैसे
पुलिस जांच में सामने आया है कि ठगों ने कर्नाटक बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, बंधन बैंक, केनरा बैंक और किशन कुमार नामक व्यक्ति के खाते में पैसे जमा कराए थे। पुलिस इन सभी खातों की जांच कर रही है।
पुलिस ने की सतर्क रहने की अपील
सरस्वती नगर थाना पुलिस के अनुसार, प्राचार्य की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है और साइबर ठगों की पहचान के लिए जांच जारी है। पुलिस अधिकारियों ने राजधानीवासियों से ऑनलाइन टास्क, लाइक-शेयर और मुनाफे का लालच देने वाले ऑफर्स से सतर्क रहने की अपील की है।
2025 में रायपुर में 11 करोड़ से ज्यादा की साइबर ठगी
पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में रायपुर जिले में साइबर ठगी के मामलों में 11 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी सामने आ चुकी है। जागरूकता अभियानों के बावजूद साइबर ठग नए-नए तरीकों से लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं।