कोरबा में एसईसीएल भूविस्थापितों का राज्य स्तरीय सम्मेलन, साझा संघर्ष की बनाई रणनीति
कोरबा में साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) से जुड़े भूविस्थापितों का राज्य स्तरीय सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के 12 कोयला क्षेत्रों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान भूविस्थापितों ने अपनी मांगों को लेकर भविष्य की साझा रणनीति पर विस्तार से चर्चा की।
सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की कोयला परियोजनाओं में चल रहे विभिन्न आंदोलनों को एक मंच पर लाना था। इसमें रोजगार, उचित मुआवजा, पुनर्वास और बुनियादी सुविधाओं जैसी जायज मांगों को लेकर संघर्ष को और मजबूत करने पर विचार किया गया। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि सभी संगठनों को मिलाकर एक एसईसीएल स्तरीय भूविस्थापित फेडरेशन का गठन किया जाएगा।
26 जनवरी को ग्राम सभाओं में प्रस्ताव पारित कराने का फैसला
भूविस्थापितों ने 26 जनवरी को ग्राम सभाओं में अपनी समस्याओं के समाधान के लिए प्रस्ताव पारित कराने का निर्णय लिया। इसके साथ ही अपने-अपने क्षेत्र के सांसदों, विधायकों और पंचायत प्रतिनिधियों से हस्ताक्षर युक्त मांगपत्र तैयार कर एसईसीएल के सीएमडी को पत्र सौंपा जाएगा।
मांगों के समाधान के लिए बिलासपुर स्थित एसईसीएल मुख्यालय, कोल इंडिया कोलकाता और कोयला मंत्रालय, नई दिल्ली में चरणबद्ध आंदोलन करने का भी फैसला लिया गया।
कोयला खदानों की स्थिति पर प्रस्तुत की गई रिपोर्ट
कार्यक्रम की शुरुआत महापुरुषों के छायाचित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। स्कूली छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। इसके बाद रुद्र दास ने स्वागत उद्बोधन दिया।
ऊर्जाधानी भूविस्थापित किसान कल्याण समिति के अध्यक्ष सपुरन कुलदीप ने कोयला खदानों के इतिहास और वर्तमान स्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसमें भूविस्थापितों की समस्याओं और मांगों को रेखांकित किया गया।
विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में प्रतिनिधि शामिल
सम्मेलन में छत्तीसगढ़ के गेवरा, दीपका, कुसमुंदा, कोरबा, रायगढ़, बैकुंठपुर, विश्रामपुर, भटगांव, चिरमिरी और हसदेव क्षेत्रों के साथ-साथ मध्य प्रदेश के सोहागपुर और जमुना-कोतमा क्षेत्र से विभिन्न संगठनों के किसान नेता, हाईकोर्ट अधिवक्ता, समाजसेवी और प्रभावित ग्रामीण शामिल हुए।
प्रमुख उपस्थित प्रतिनिधियों में सपुरन कुलदीप, तिरिथ केशव, सुरेश पटेल, रममेलाल धीवर (मानिकपुर, कोरबा), बसन्त कंवर, संतोष चौहान, रविन्द्र जगत (दीपका क्षेत्र) तथा रुद्र दास, महंत विजयपाल सिंह तंवर, अनुसुइया राठौर और ललित महिलांगे (गेवरा क्षेत्र) शामिल रहे।