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अमेरिका का ‘ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व’: वेनेजुएला में रूसी एयर डिफेंस फेल, मादुरो हिरासत में

कराकस।
अमेरिका ने 3 जनवरी को वेनेजुएला के खिलाफ ‘ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व’ चलाते हुए बड़ी सैन्य कार्रवाई की। इस ऑपरेशन के दौरान अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को राजधानी कराकस से हिरासत में ले लिया। कार्रवाई के समय वेनेजुएला के सबसे उन्नत रूसी एयर डिफेंस सिस्टम निष्क्रिय पाए गए, जिससे अमेरिकी विमानों के लिए देश के हवाई क्षेत्र में प्रवेश आसान हो गया।

न्यूयॉर्क टाइम्स की जांच के मुताबिक, रूस से खरीदे गए S-300 और Buk-M2 जैसे एयर डिफेंस सिस्टम और कई मिसाइल लॉन्चर हमले के समय तैनात नहीं थे। इनके कई हिस्से गोदामों में पड़े थे और सैनिक इन्हें ऑपरेट नहीं कर पाए। इससे स्पष्ट हुआ कि महीनों की चेतावनियों के बावजूद वेनेजुएला अमेरिकी हमले के लिए तैयार नहीं था।

भ्रष्टाचार, प्रतिबंध और तकनीकी कमी बनी वजह
पूर्व CIA अधिकारी रिचर्ड डे ला टोरे के अनुसार, वर्षों से चले आ रहे भ्रष्टाचार, कमजोर प्रशासन और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों ने वेनेजुएला की एयर डिफेंस क्षमता को गंभीर रूप से कमजोर कर दिया। उन्होंने कहा कि इन प्रणालियों को सक्रिय रखने में रूस की भूमिका अहम थी, क्योंकि रूसी ट्रेनर और टेक्नीशियन ही इनके संचालन में मदद करते थे।
विशेषज्ञों का मानना है कि यूक्रेन युद्ध में उलझे होने के कारण रूस वेनेजुएला में इन सिस्टम्स पर ध्यान नहीं दे सका। कुछ पूर्व अमेरिकी अधिकारियों ने यह भी दावा किया कि रूस ने जानबूझकर इन सिस्टम्स को पूरी तरह सक्रिय नहीं होने दिया।

हमले में डिफेंस ठिकानों को बनाया गया निशाना
रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सेना ने उन स्थानों को निशाना बनाया जहां Buk एयर डिफेंस सिस्टम रखे गए थे। कई जगह ये सिस्टम गोदामों में ही नष्ट हो गए। ला ग्वायरा, काटिया ला मार, ला कारलोटा एयरबेस और हिगुएरोटे के पास धमाकों के बाद स्थानीय अधिकारियों ने दवाइयों के गोदामों को नुकसान होने की बात कही, लेकिन सामने आए वीडियो में जले हुए मिसाइल लॉन्चर दिखे।

चीनी रडार भी तबाह
वेनेजुएला के सैन्य विशेषज्ञ यासेर त्रुजिलो के मुताबिक, अमेरिकी हमले के बाद सेना पूरी तरह चौंक गई थी। रडार चालू नहीं थे, सैनिक सही जगह तैनात नहीं थे और अमेरिकी विमानों को कोई खास खतरा नहीं मिला। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि चीन से मिले रडार सिस्टम भी हमले में नष्ट हो गए, जिससे रूसी एयर डिफेंस और कमजोर पड़ गया।

रूस-वेनेजुएला रिश्तों पर असर
इस कार्रवाई ने रूस-वेनेजुएला की दोस्ती पर सवाल खड़े कर दिए हैं। रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव पहले ही कह चुके थे कि वेनेजुएला, रूस के लिए बेलारूस जितना महत्वपूर्ण नहीं है। पूर्व अमेरिकी राजनयिक ब्रायन नरांजो ने कहा, “जरूरत पड़ने पर रूस वेनेजुएला के काम नहीं आया, वह एक पेपर टाइगर साबित हुआ।”

अमेरिकी दबाव बढ़ा
मादुरो की गिरफ्तारी के बाद अमेरिका ने वेनेजुएला से रूस, क्यूबा, ईरान और चीन के सलाहकारों को हटाने की मांग तेज कर दी है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने चेतावनी दी है कि मांगें न मानी गईं तो कैरिबियन में मौजूद अमेरिकी नौसेना का इस्तेमाल किया जा सकता है।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तस्वीर के साथ संदेश जारी किया—“यह हमारा इलाका है।”

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