लोंगेवाला में ‘बॉर्डर 2’ के गीत घर कब आओगे का भव्य लॉन्च, BSF जवानों के बीच सनी देओल-वरुण धवन ने दिया देशभक्ति का संदेश
राजस्थान के जैसलमेर में भारत–पाकिस्तान बॉर्डर के पास स्थित ऐतिहासिक लोंगेवाला–तनोट क्षेत्र में फिल्म बॉर्डर 2 के गीत घर कब आओगे का भव्य लॉन्च कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों की मौजूदगी में हुआ, जिसमें फिल्म से जुड़े कलाकारों और मेहमानों ने देशभक्ति के रंग में समां बांध दिया।
लोंगेवाला–तनोट माता मंदिर के सामने बने एम्फीथिएटर में आयोजित इस कार्यक्रम में अभिनेता सनी देओल, वरुण धवन, अहान शेट्टी, गायक सोनू निगम, फिल्म के को-प्रोड्यूसर भूषण कुमार और निधि दत्ता सहित फिल्म की पूरी टीम मौजूद रही। मौके पर लाइव परफॉर्मेंस भी हुई, जिसने माहौल को भावुक और गर्व से भर दिया।
कार्यक्रम के दौरान अहान शेट्टी मंच पर पहुंचे तो उन्होंने सनी देओल के पैर छूकर आशीर्वाद लिया, जिसे दर्शकों ने तालियों के साथ सराहा।
1971 के युद्ध की याद और देशभक्ति का संदेश
इवेंट में वरुण धवन ने 1971 के भारत–पाक युद्ध का जिक्र करते हुए कहा कि भारत अमन और शांति में विश्वास करता है, लेकिन बॉर्डर जैसी फिल्मों का बनना जरूरी है। उन्होंने कहा कि ऐसी फिल्में युवाओं को यह संदेश देती हैं कि देश मजबूत है और अगर कोई आंख उठाकर देखेगा, तो भारत जवाब देने में सक्षम है। वरुण ने यह भी कहा कि जब भारत किसी दूसरे देश को आजादी दिला सकता है, तो अपने देश के लिए लड़ने में कभी पीछे नहीं हटेगा।
इस दौरान उन्होंने फिल्म का एक डायलॉग भी सुनाया—
“इस बार हम बॉर्डर में घुसेंगे ही नहीं, हम बॉर्डर ही बदल देंगे।”
डायलॉग सुनते ही दर्शकों ने जोरदार तालियों के साथ जोश बढ़ा दिया।
सनी देओल ने साझा की यादें
सनी देओल ने कार्यक्रम में बताया कि बचपन में उन्होंने अपने पिता धर्मेंद्र की फिल्म हकीकत देखी थी, जो उन्हें बेहद पसंद आई थी। उसी फिल्म से प्रेरित होकर उन्होंने सोचा था कि एक दिन वह भी देशभक्ति पर आधारित फिल्म करेंगे। बाद में उन्होंने जे. पी. दत्ता से बात की और उसी सोच से बॉर्डर फिल्म बनी।
नए वर्जन में कई दिग्गज गायकों की आवाज
1997 की फिल्म बॉर्डर का गीत घर कब आओगे हिंदी सिनेमा के सबसे लोकप्रिय देशभक्ति गीतों में शामिल रहा है। बॉर्डर 2 के लिए तैयार किए गए इसके नए वर्जन में सोनू निगम और रूप कुमार राठौड़ के साथ अरिजीत सिंह, विशाल मिश्रा और दिलजीत दोसांझ की आवाजें शामिल की गई हैं। संगीतकार मिथुन ने इसका संगीत दोबारा तैयार किया है। गीत के बोलों में जावेद अख्तर के मूल शब्दों के साथ मनोज मुंतशिर की पंक्तियां जोड़ी गई हैं।
नया वर्जन 10 मिनट 34 सेकेंड का है, जबकि मूल गीत 13 मिनट 49 सेकेंड लंबा था। हालांकि, आज के दौर के हिसाब से यह गीत अब भी काफी लंबा माना जा रहा है। इसका वीडियो करीब 3 मिनट 10 सेकेंड का है।
निधि दत्ता ने किया भावुक जिक्र
फिल्म की को-प्रोड्यूसर निधि दत्ता ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा कि यह गीत मूल रूप से 29 साल पहले उनके पिता जे. पी. दत्ता, गीतकार जावेद अख्तर, संगीतकार अनु मलिक और गायकों सोनू निगम व रूप कुमार राठौड़ ने तैयार किया था। नए वर्जन के जरिए उसी भावना को आज की पीढ़ी तक पहुंचाने की कोशिश की गई है।
लोंगेवाला की धरती पर हुए इस आयोजन ने एक बार फिर देशभक्ति, बलिदान और सैनिकों के सम्मान की भावना को मजबूती से सामने रखा।