वॉरेन बफेट का बड़ा फैसला: 95 की उम्र में बर्कशायर हैथवे के CEO पद से इस्तीफा, जिस कंपनी ने बनाया अरबपति उसी को बताया ‘सबसे बड़ी गलती’
दुनिया के सबसे बड़े निवेशकों में शामिल वॉरेन बफेट आज 31 दिसंबर को बर्कशायर हैथवे के CEO पद से इस्तीफा दे रहे हैं। 95 वर्षीय बफेट अब कंपनी में चेयरमैन की भूमिका में बने रहेंगे। उनके बाद ग्रेग एबेल बर्कशायर हैथवे की कमान संभालेंगे।
1965 में एक संघर्षरत टेक्सटाइल कंपनी बर्कशायर हैथवे का नियंत्रण संभालने वाले बफेट ने इसे 1.09 ट्रिलियन डॉलर (करीब 98 लाख करोड़ रुपये) की दिग्गज कंपनी में बदल दिया। कंपनी के पोर्टफोलियो में कोका-कोला, एपल, क्राफ्ट हेंज जैसी बड़ी कंपनियां शामिल हैं।
दिलचस्प बात यह है कि बफेट खुद बर्कशायर हैथवे को खरीदने को अपनी “सबसे बड़ी गलती” मानते रहे हैं। उन्होंने यह कंपनी गुस्से में खरीदी थी, जब मैनेजमेंट ने शेयर बायबैक के वादे से कम कीमत ऑफर की थी।
बफेट ने साफ किया है कि वे पूरी तरह रिटायर नहीं हो रहे हैं और चेयरमैन के तौर पर कंपनी से जुड़े रहेंगे। उन्होंने कहा कि वे घर बैठकर टीवी सीरियल देखने वालों में से नहीं हैं।
ग्रेग एबेल के सामने बर्कशायर के विशाल कैश रिजर्व के सही इस्तेमाल और बफेट की ‘हैंड्स-ऑफ’ अप्रोच को बनाए रखने की बड़ी चुनौती होगी।
वॉरेन बफेट अपनी 99% संपत्ति दान करने का वादा कर चुके हैं। फोर्ब्स के मुताबिक उनकी कुल संपत्ति करीब 13.36 लाख करोड़ रुपये है और वे दुनिया के 9वें सबसे अमीर व्यक्ति हैं।