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छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण पर सियासी घमासान, बीजेपी का कांग्रेस पर तीखा हमला

रायपुर। छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण को लेकर राजनीति गरमा गई है। भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पर सीधा हमला बोलते हुए उसे सनातन धर्म विरोधी करार दिया है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अमित चिमनानी ने कहा कि भाजपा धर्मांतरण के खिलाफ मजबूती से खड़ी है, जबकि कांग्रेस सनातन धर्म के विरुद्ध खड़ी नजर आ रही है।

अमित चिमनानी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस धर्मांतरण को खुला संरक्षण दे रही है और जो भी संत, समाज या व्यक्ति इसके खिलाफ आवाज उठाता है, उसके खिलाफ साजिश रचती है। उन्होंने कहा कि पंडित प्रदीप मिश्रा और पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पर अंधविश्वास फैलाने के आरोप लगाकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने करोड़ों सनातन-प्रेमियों की भावनाओं को आहत किया है।

भाजपा प्रवक्ता ने मांग की कि भूपेश बघेल अपने बयान के लिए देशभर के सनातन श्रद्धालुओं से सार्वजनिक माफी मांगें। यदि वे माफी नहीं मांगते हैं, तो कांग्रेस नेतृत्व को उनके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। चिमनानी ने कहा कि जिन संतों के सत्संग में देश-प्रदेश ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी लाखों लोग जुटते हैं, उन पर इस तरह की टिप्पणी करना आस्था का अपमान है।

‘सनातन के विरुद्ध बड़ी साजिश’

अमित चिमनानी ने आरोप लगाया कि जिसने भी धर्मांतरण के खिलाफ समाज को जागरूक किया, कांग्रेस ने उसके खिलाफ दमनकारी रवैया अपनाया। उन्होंने मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए कहा कि वर्ष 2004 में कांग्रेस नेतृत्व के इशारे पर दीपावली पूजा रुकवाकर शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती की गिरफ्तारी कराई गई, जो सनातन धर्म के विरुद्ध एक बड़ी साजिश का प्रमाण है।

उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रणव मुखर्जी ने अपनी पुस्तक ‘द कोएलिशन ईयर्स’ में भी यह उल्लेख किया था कि शंकराचार्य की गिरफ्तारी सनातन धर्म को नीचा दिखाने की मंशा से की गई थी। उस समय शंकराचार्य तमिलनाडु में हो रहे धर्मांतरण के खिलाफ आवाज उठा रहे थे।

‘रामदेव बाबा की हत्या की साजिश का जिक्र’

भाजपा प्रवक्ता ने यह भी कहा कि वर्ष 2011 में रामदेव बाबा ने अपनी हत्या की साजिश का खुलासा किया था। इसी कड़ी में उन्होंने नवंबर 2022 में राजनांदगांव की तत्कालीन महापौर हेमा देशमुख द्वारा हिंदू देवी-देवताओं को न मानने की शपथ दिलाने का मामला भी उठाया।

चिमनानी ने आरोप लगाया कि भूपेश बघेल ने धर्मांतरण को लेकर पहले भी विवादित बयान दिए थे और 2024 में शिवलिंग पर जल अर्पित करने की सनातन परंपरा पर टिप्पणी कर आस्था का अपमान किया। उन्होंने 2023 में बस्तर में धर्मांतरण को लेकर हुई हिंसा का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय आदिवासियों ने संरक्षण की मांग की थी, लेकिन तत्कालीन सरकार ने उनकी बात नहीं सुनी।

इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज द्वारा कांवड़ियों पर पुष्प-वर्षा के विरोध और कांग्रेस नेताओं द्वारा महाकुंभ के निमंत्रण को ठुकराने का उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस का सनातन-विरोधी रवैया 2004 से लेकर 2025 तक लगातार जारी है।

भाजपा ने साफ कहा कि जो भी सनातन का प्रचार करेगा, घर-वापसी की बात करेगा और धर्मांतरण का विरोध करेगा, कांग्रेस उसे निशाना बनाएगी, लेकिन भाजपा इस मुद्दे पर पीछे हटने वाली नहीं है।

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