ग्रामीणों ने 8 सूत्रीय मांगों को लेकर NH-130C किया जाम, तीन घंटे बाद खुला हाईवे
गरियाबंद जिले के उदंती–सीता नदी अभ्यारण्य के कोर जोन में बसे साहेबीन कछार गांव के 200 से अधिक ग्रामीणों ने अपनी आठ सूत्रीय मांगों को लेकर नेशनल हाईवे 130C को जाम कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन की ओर से बार-बार दिए गए आश्वासनों के बावजूद अब तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गई हैं।
ग्रामीण 23 दिसंबर की सुबह करीब 8 बजे हाईवे पर धरने पर बैठ गए, जिससे दोनों ओर यात्री बसों और अन्य वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई। सूचना मिलने पर इंदागांव पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद तहसीलदार और एसडीओपी ने भी ग्रामीणों से बातचीत कर स्थिति संभालने का प्रयास किया।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगों में बम्हनीझोला से ओडिशा सीमा तक 25 किलोमीटर पक्की सड़क का निर्माण, इंदागांव स्थानांतरित आदिवासी कन्या छात्रावास और कन्या शाला साहेबीन कछार को मूल स्थान पर संचालित करने व भवन निर्माण, सभी विद्युतविहीन गांवों में विद्युतीकरण, मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना के तहत अधूरे स्कूल भवनों को पूरा करना शामिल है। इसके अलावा ग्रामीण माध्यमिक शाला में अनुपस्थित शिक्षक को पदभार ग्रहण कराने, जियो मोबाइल टावर चालू करने, उप-स्वास्थ्य केंद्र में बिजली और नल-जल आपूर्ति शुरू करने तथा अधूरी नल-जल योजना को पुनः चालू करने की भी मांग की गई।
प्रदर्शन का नेतृत्व ग्राम प्रमुख अर्जुन नायक और रूपसिंह मरकाम ने किया। ग्रामीणों ने बताया कि 28 अक्टूबर को कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। तीन वर्षों से केवल आश्वासन मिलने से नाराज ग्रामीणों ने इस बार आंदोलन तेज किया।
करीब तीन घंटे के प्रदर्शन के बाद मैनपुर तहसीलदार रमेश कुमार मेहता ने सभी आठ मांगों पर कार्रवाई शुरू करने और उन्हें तीन माह में पूरा करने का लिखित आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने हाईवे से जाम हटाया और यातायात बहाल हो सका।