छत्तीसगढ़ में शीतलहर का कहर, सरगुजा में पारा 5.5 डिग्री तक गिरा, कोहरे से जनजीवन प्रभावित
रायपुर। उत्तर भारत से आ रही ठंडी हवाओं के असर से छत्तीसगढ़ में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। प्रदेश के उत्तरी और मध्य हिस्सों में शीतलहर का प्रभाव साफ नजर आ रहा है। सरगुजा जिले में न्यूनतम तापमान गिरकर 5.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। सुबह के समय घना कोहरा छाया रहा, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ। ठंड से बचाव के लिए लोग सुबह और शाम अलाव का सहारा लेते नजर आए।
पेंड्रा में भी लगातार ठंड बढ़ रही है। यहां सुबह घने कोहरे के कारण विजिबिलिटी घटकर महज 30 मीटर तक रह गई। हालात ऐसे रहे कि लोगों को दिन में भी लाइट जलाकर वाहन चलाने पड़े।
प्रदेश के छह शहरों में रात का तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया है। मैनपाट में न्यूनतम तापमान करीब 4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि अंबिकापुर में 5.8 डिग्री, पेंड्रा रोड में 7 डिग्री, रायपुर में 8.3 डिग्री, दुर्ग में 9 डिग्री, जगदलपुर में 9.5 डिग्री, राजनांदगांव में 10 डिग्री और बिलासपुर में 10.7 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों तक न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव की संभावना नहीं है। हालांकि इसके बाद तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है।
बीते 24 घंटों में प्रदेश का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस दुर्ग में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में रिकॉर्ड हुआ।
कड़ाके की ठंड का असर बच्चों की सेहत पर भी देखने को मिल रहा है। पिछले एक महीने में अंबेडकर अस्पताल समेत निजी अस्पतालों में हाइपोथर्मिया के 400 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं, जिससे स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है।