सर्दियों में क्यों बढ़ जाता है फ्रोजन शोल्डर का दर्द, जानिए कारण और सावधानियां
सर्दियां शुरू होते ही कई लोगों को पूरे शरीर में जकड़न और दर्द की शिकायत होने लगती है, लेकिन सबसे आम समस्या कंधों के दर्द की होती है। ठंड के मौसम में फ्रोजन शोल्डर यानी कंधे का जम जाना एक बड़ी परेशानी बनकर सामने आता है। हड्डी रोग विशेषज्ञों के अनुसार, सर्दियों में इस समस्या के मामले अचानक बढ़ जाते हैं।
भारत के ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञों और क्लिनिकल अनुभव के मुताबिक फ्रोजन शोल्डर की समस्या करीब 2 से 5 प्रतिशत लोगों में पाई जाती है, जो वैश्विक आंकड़ों के लगभग समान है। ठंड का असर बढ़ते ही इसके लक्षण तेज हो जाते हैं और अस्पतालों में कंधे के दर्द से जूझ रहे मरीजों की संख्या बढ़ने लगती है।
ठंड में क्यों बढ़ती है परेशानी
डॉक्टरों का कहना है कि सर्दियों में तापमान गिरने से मांसपेशियां और जोड़ों में सिकुड़न आ जाती है। इसके साथ ही ब्लड सर्कुलेशन धीमा हो जाता है। ठंड के मौसम में शारीरिक गतिविधियां कम हो जाती हैं, लोग ज्यादा समय बैठकर या आराम की स्थिति में बिताते हैं, जिससे कंधों की मूवमेंट घटती है और जकड़न बढ़ जाती है। यही स्थिति आगे चलकर फ्रोजन शोल्डर का रूप ले लेती है।
क्या होते हैं लक्षण
फ्रोजन शोल्डर में कंधे में लगातार दर्द, हाथ उठाने या पीछे ले जाने में दिक्कत, कपड़े पहनने या बाल बनाने जैसे सामान्य कामों में परेशानी होती है। कई मामलों में रात के समय दर्द ज्यादा बढ़ जाता है, जिससे नींद भी प्रभावित होती है।
विशेषज्ञों की सलाह
विशेषज्ञों का कहना है कि सर्दियों में हल्की एक्सरसाइज, नियमित स्ट्रेचिंग और कंधों की मूवमेंट बनाए रखना बेहद जरूरी है। लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठे रहने से बचना चाहिए। समय पर समस्या को पहचानकर इलाज शुरू किया जाए तो फ्रोजन शोल्डर से राहत पाना आसान हो जाता है।
डॉक्टरों के अनुसार, ठंड के मौसम में शरीर को सक्रिय रखना और दर्द को नजरअंदाज न करना ही इस समस्या से बचाव का सबसे बेहतर तरीका है।