नक्सलवाद के खात्मे की डेडलाइन करीब: आईजी बस्तर की साउथ डिविजन में बचे नक्सल लीडर्स को अंतिम चेतावनी, जनवरी के अंत तक कर दें समर्पण
जगदलपुर। छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद खात्मे की डेडलाइन को मात्र दो महीने ही शेष बचे हैं। जवानों की गोली से नक्सल संगठन के बड़े लीडर्स के मारे जाने बाद अब संगठन की कमर टूट गई है। जिसके कारण अब समर्पण करने की लाइन लगी हुई है। वहीं इस बीच कई बड़े लीडर्स ने अभी तक समर्पण नहीं किया है जिन्हें बस्तर आईजी ने दो माह के भीतर समाज के मुख्यधारा में लौटने की वार्निंग दी है। उन्होंने कहा कि, अगर समर्पण नहीं करेंगे तो अंजाम बुरा होगा। संगठन के महासचिव बस्वराजू और मोस्टवांटेड हिड़मा की मौत के बाद अब भी कुछ सेंट्रल और पोलित सदस्य बचे हुए हैं। जिन्हें मुख्यधारा में लाने के लिए लगातार कोशिश जारी है। वहीं दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के 4 डिवीजन में से अब केवल एक ही साउथ डिवीजन बचा हुआ है। इस साऊथ डिवीजन में सक्रिय लीडर्स को बस्तर आईजी ने आखिरी वार्निंग दी है। दो माह के भीतर सरेंडर करने की वार्निंग
आईजी बस्तर सुंदरराज पी ने कहा- अगर बेहतर जिंदगी चाहते है तो उन्हें सरकार की नीतियों के तहत कई सुविधाएं मिलेगी। सभी बचे लीडर जनवरी माह तक आकर समर्पण कर दें और डेडलाइन के पहले आते हैं तो सभी को पुनर्वास का लाभ दिया जाएगा। अगर समाज की मुख्यधारा में शामिल नहीं होंगे तो उनका अंजाम काफी बुरा होने वाला है।
जवानों को दिया गया फ्री हैंड
बस्तर आईजी ने बताया कि, आने वाले दिनों में आख़िरी और बड़ा ऑपरेशन सुकमा और बीजापुर जिले में चलाया जाएगा। यह अंतिम ऑपरेशन होगा, इसके लिए जवानों को फ्री हैंड दे दिया गया है। बता दें कि, माओवादी लीडर्स में देवजी, पापाराव, गणपति, गणेश उइके, रामधर, संग्राम और बारसे देवा बचे हैं।