वंदे मातरम् के 150 साल पूरे होने पर लोकसभा में हुई विशेष चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर तीखा हमला
नई दिल्ली | वंदे मातरम् के 150 साल पूरे होने पर लोकसभा में हुई विशेष चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने ऐतिहासिक रूप से राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् को कमजोर किया और मुस्लिम लीग व मोहम्मद अली जिन्ना की आपत्तियों का साथ देकर देश के साथ “विश्वासघात” किया।
कांग्रेस पर गंभीर आरोप
पीएम मोदी ने कहा कि:
- 1937 में जवाहरलाल नेहरू ने जिन्ना के रुख का पालन करते हुए कहा था कि वंदे मातरम् “मुसलमानों को नाराज़ कर सकता है”।
- उनके अनुसार, कांग्रेस ने मुस्लिम लीग के दबाव में यह कदम उठाया, जिससे वंदे मातरम् की विरासत से समझौता हुआ।
- उन्होंने यह भी कहा कि तुष्टीकरण की यही राजनीति आगे चलकर देश के बंटवारे के बीज बनी।
इमरजेंसी का भी जिक्र
मोदी ने कहा कि 1975 में वंदे मातरम् की 100वीं वर्षगांठ तब पड़ी जब देश इमरजेंसी में था।
उन्होंने कहा कि उस दौर में:
- संविधान का गला घोंटा गया,
- लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन हुआ,
- और देशभक्तों को जेल में डाल दिया गया।
पीएम ने इसे गीत को ऐतिहासिक रूप से किनारे किए जाने से जोड़ा।
गीत की विरासत पर प्रधानमंत्री की टिप्पणी
प्रधानमंत्री ने बंकिम चंद्र चटर्जी द्वारा नवंबर 1875 में रचित वंदे मातरम् को आज़ादी की लड़ाई का प्रेरणास्रोत बताया।
उन्होंने कहा कि अब 150 साल पूरे होने पर इसकी “शान वापस लाने का यह अच्छा मौका है”।
राष्ट्रीय उपलब्धियों से जोड़ा संदर्भ
पीएम मोदी ने हाल की महत्वपूर्ण राष्ट्रीय वर्षगांठों का उल्लेख किया—
- संविधान के 75 वर्ष,
- सरदार पटेल और भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती,
- गुरु तेग बहादुर का 350वां शहादत दिवस।
उन्होंने कहा कि इन अवसरों के बीच वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरा होना देश की एकता और बलिदान की भावना को फिर से मजबूत करता है।
पीढ़ियों तक संरक्षण का आग्रह
प्रधानमंत्री ने संसद से अपील की कि वंदे मातरम् की विरासत और उसकी भावना को आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखना चाहिए।
उन्होंने कहा, “अतीत के सबक हमारे भविष्य का मार्गदर्शन करते रहने चाहिए। यह सिर्फ इतिहास को नमन नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक संकल्प की पुनर्पुष्टि है।”