अमेरिका ने किया बड़ा बदलाव: मियामी जी20 शिखर सम्मेलन से पहले ‘न्यू जी20’ ढांचा पेश, पोलैंड शामिल—दक्षिण अफ्रीका बाहर
अमेरिका ने 2026 में मियामी में आयोजित होने वाले जी20 शिखर सम्मेलन से पहले एक बड़ा परिवर्तन घोषित करते हुए ‘न्यू जी20’ ढांचे की शुरुआत की है। इस नए स्वरूप में पोलैंड को सदस्य बनाया गया है, जबकि दक्षिण अफ्रीका को स्पष्ट रूप से बाहर कर दिया गया है।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने आरोप लगाया कि दक्षिण अफ्रीका अपनी अध्यक्षता के दौरान “द्वेष, विभाजन और कट्टरपंथी एजेंडा” को बढ़ावा दे रहा है। रूबियो ने ‘अमेरिका वेलकम्स ए न्यू जी20’ शीर्षक वाले अपने ब्लॉग में लिखा कि 2026 का शिखर सम्मेलन अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ पर आयोजित होगा और यह 2009 के बाद पहली बार है जब अमेरिका जी20 की मेजबानी करेगा।
रूबियो के अनुसार, अमेरिका अब अपने भरोसेमंद दोस्तों और भागीदारों को इस नए ढांचे में शामिल करेगा, जिसमें पोलैंड केंद्रीय भूमिका निभाएगा। उन्होंने पोलैंड को “भविष्य-केंद्रित विकास” और अमेरिका के साथ “सफल साझेदारी” का उदाहरण बताया। सबसे बड़ा और विवादित बदलाव दक्षिण अफ्रीका को समूह से बाहर करना है।
रूबियो ने लिखा कि रंगभेद के बाद की संभावनाओं को दक्षिण अफ्रीका ने “पुनर्वितरणवादी नीतियों और नस्लीय कोटा” से कमजोर कर दिया, जिसके चलते निवेश में गिरावट आई और अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई।
उनके अनुसार, नया जी20 चार कार्य समूहों के माध्यम से तीन प्रमुख विषयों पर काम करेगा—
- नियामकीय बोझ में कमी
- सस्ती और सुरक्षित ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सहित नई तकनीकों में नेतृत्व
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम वैश्विक राजनीतिक समीकरणों में नई बहस को जन्म देगा।