दंतेवाड़ा-बीजापुर सीमा पर बड़ी मुठभेड़: तीन जवान शहीद, 15 नक्सली ढेर; हथियारों का भारी जखीरा बरामद
दंतेवाड़ा: दंतेवाड़ा और बीजापुर की सीमा पर सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई भीषण मुठभेड़ में तीन डीआरजी जवान शहीद हो गए, जबकि दो जवान घायल हुए हैं। जवाबी कार्रवाई में सुरक्षाबलों ने 15 नक्सलियों को मार गिराया है। क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन अब भी जारी है और सुरक्षाबल अंदरूनी इलाकों को घेरकर तलाशी अभियान को आगे बढ़ा रहे हैं।
बुधवार सुबह भैरमगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम केशकुतुल में डीआरजी, एसटीएफ, सीआरपीएफ सहित संयुक्त बल नक्सल खोज अभियान पर निकला था। इसी दौरान नक्सलियों ने घात लगाकर हमला कर दिया। मुठभेड़ रुक-रुक कर देर शाम तक चलती रही। इस प्रारंभिक मुठभेड़ में तीन डीआरजी जवान शहीद हुए और दो घायल हो गए। वहीं जवानों ने बहादुरी दिखाते हुए 12 नक्सलियों को मौके पर ही ढेर कर दिया।
रात होने पर अभियान रोक दिया गया था, लेकिन गुरुवार सुबह दोबारा शुरू हुई तलाशी में तीन और नक्सलियों के शव बरामद किए गए। इसके साथ मारे गए नक्सलियों की कुल संख्या 15 हो गई है।
मुठभेड़ स्थल से सुरक्षाबलों ने भारी मात्रा में हथियार बरामद किए हैं, जिनमें LMG मशीन गन, AK-47 राइफल, SLR राइफल, INSAS राइफल, .303 राइफल और बड़ी संख्या में गोला-बारूद शामिल हैं।
शहीद जवानों में प्रधान आरक्षक मोनू वड़ाड़ी, आरक्षक दुकारु गोड़े और डीआरजी बीजापुर के रमेश सोड़ी शामिल हैं। घायल जवानों में ASI जनार्दन कोर्राम और आरक्षक सोमदेव यादव शामिल हैं, जिनकी हालत खतरे से बाहर बताई गई है।
मुठभेड़ में PLGA कंपनी क्रमांक 02 का कमांडर और आठ लाख रुपये का इनामी कुख्यात माओवादी DVCM मोडियामी वेल्ला भी मारा गया है। उसके साथ अन्य कई माओवादी कैडरों के शव बरामद हुए हैं, जिनकी पहचान की प्रक्रिया जारी है।
सुरक्षाबलों ने इलाके को घेर लिया है और सघन तलाशी अभियान जारी है। अतिरिक्त बलों को भी मौके पर भेजा गया है। अधिकारी फिलहाल ऑपरेशन की संवेदनशीलता को देखते हुए सीमित जानकारी साझा कर रहे हैं।