बल्दाकछार में मुख्यमंत्री की घोषणाओं पर तेजी से कार्रवाई
महानदी तटबंध निर्माण और हाई मास्ट लाइट स्थापना का कार्य शुरू
👉🏻 सुशासन तिहार का दिखने लगा असर, बल्दाकछार में शुरू हुई विकास कार्यों की पहल
रायपुर, 13 मई – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा 9 मई को सुशासन तिहार के तहत ग्राम बल्दाकछार में की गई घोषणाएं अब तेजी से जमीनी हकीकत बनती नजर आ रही हैं। मुख्यमंत्री की प्राथमिकता को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने तुरंत पहल करते हुए संबंधित विभागों को सर्वे और योजना निर्माण के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर दीपक सोनी के मार्गदर्शन में जल संसाधन विभाग और क्रेड़ा (CREDA) के अभियंताओं की टीम आज बल्दाकछार गांव पहुंची। टीम ने दो प्रमुख विकास कार्यों – महानदी तट पर तटबंध निर्माण और गांव में हाई मास्ट लाइट की स्थापना – के लिए सर्वे की प्रक्रिया प्रारंभ की।
👉🏻 बाढ़ से सुरक्षा के लिए पक्का तटबंध निर्माण की योजना
हर वर्ष महानदी की बाढ़ से प्रभावित होने वाले बल्दाकछार गांव के लिए यह एक बड़ी राहत की खबर है। जल संसाधन विभाग के अनुसार, गांव को कटाव से सुरक्षित रखने के लिए महानदी के दाएं तट पर लगभग डेढ़ किलोमीटर लंबा सीमेंट-कंक्रीट तटबंध बनाने की योजना तैयार की जा रही है। यह तटबंध 5 मीटर की स्लांट हाइट के साथ बनाया जाएगा, जिससे बाढ़ के समय होने वाले कटाव को रोका जा सकेगा। इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 8.88 करोड़ रुपये है।
👉🏻 हाई मास्ट लाइट से गांव होगा रोशन
गांव की रात्रिकालीन रोशनी व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए क्रेड़ा विभाग द्वारा हाई मास्ट लाइट लगाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। इन सभी कार्यों से ग्रामीणों को सुरक्षा, सुविधा और बेहतर जीवन स्तर का लाभ मिलेगा।

👉🏻 गांव में रोशन होगा अंधेरा: हाई मास्ट लाइट योजना
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की घोषणा के अनुरूप, क्रेड़ा विभाग ने ग्राम बल्दाकछार में हाई मास्ट लाइट लगाने की योजना पर अमल शुरू कर दिया है। इंजीनियरों ने सरपंच और ग्रामीणों के साथ मिलकर गुड़ी चौक और कमारपारा को उपयुक्त स्थल माना है, जहां ये लाइट्स स्थापित की जाएंगी। इस कार्य के लिए प्राक्कलन तैयार कर स्वीकृति हेतु प्रस्तुत किया जा रहा है।
👉🏻 जनता की आवाज पर संवेदनशील निर्णय
यह उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुशासन तिहार के दौरान बल्दाकछार का आकस्मिक निरीक्षण करते हुए ग्रामीणों से उनकी समस्याएं सुनी थीं। जनता की प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए उन्होंने त्वरित घोषणाएं कीं और अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए थे। अब प्रशासन द्वारा की जा रही तत्परता इस बात का प्रमाण है कि मुख्यमंत्री की घोषणाएं केवल कागजी नहीं, बल्कि वास्तविकता में परिणत हो रही हैं।
बल्दाकछार में शुरू हुई यह पहल न केवल गांव की सुरक्षा और विकास के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह शासन की संवेदनशीलता और जवाबदेही को भी उजागर करती है। जनता से किए गए वादों को त्वरित अमल में लाकर शासन ने यह सिद्ध कर दिया है कि छत्तीसगढ़ में सुशासन अब केवल एक शब्द नहीं, बल्कि एक साकार होती प्रक्रिया है।