केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने छत्तीसगढ़ की संस्कृति, स्वाद और स्वावलंबन की सोंधी महक से सजे जशप्योर ब्रांड के उत्पादों की सराहना की

रायपुर, 13 मई – केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और आत्मनिर्भरता की भावना को दर्शाने वाले “जशप्योर” ब्रांड की भूरी-भूरी प्रशंसा की।
श्री चौहान ने कहा कि ‘जशप्योर’ केवल एक ब्रांड नहीं, बल्कि यह छत्तीसगढ़ की माटी की सोंधी खुशबू, आदिवासी बहनों की मेहनत और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में एक सशक्त पहल का प्रतीक है। उन्होंने इस प्रयास को आत्मनिर्भर भारत और स्वावलंबी छत्तीसगढ़ की दिशा में एक प्रेरणादायी कदम बताया।

उल्लेखनीय है कि मंत्रालय में महानदी भवन में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान को जशपुर जिले की स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा तैयार की गई “जशप्योर” ब्रांड की परंपरागत खाद्य सामग्रियों से सुसज्जित एक विशेष टोकरी भेंट की।
यह टोकरी केवल एक औपचारिक भेंट नहीं थी, बल्कि छत्तीसगढ़ की आत्मनिर्भरता, परिश्रम और स्वदेशी कौशल का एक सशक्त प्रतीक थी। छींद कांसा की सुंदर हस्तनिर्मित टोकरी में सजाए गए उत्पादों में डेकी, कुटा, जवां फूल चावल, टाऊ पास्ता, महुआ कुकीज़, रागी, मखाना लड्डू, महुआ गोंद लड्डू, महुआ च्यवनप्राश, ग्रीन टी, शहद और हर्बल सिरप जैसे पारंपरिक और पौष्टिक खाद्य पदार्थ शामिल थे।
केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने टोकरी में रखे हर उत्पाद में गहरी रुचि दिखाई और उत्साहपूर्वक प्रत्येक वस्तु की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि “इन उत्पादों में केवल स्वाद नहीं, बल्कि हमारे जनजातीय समुदाय की मेहनत, संस्कृति और गौरव की झलक मिलती है।”

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को आत्मसात करते हुए ऐसे स्थानीय ब्रांड्स को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, जो न केवल आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देते हैं, बल्कि हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को भी संजोए रखते हैं।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं केवल उत्पाद नहीं बना रहीं, बल्कि आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव तैयार कर रही हैं। उनके इस प्रयास से न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बल मिल रहा है, बल्कि राज्य की परंपराएं और लोककला भी वैश्विक पटल पर पहचान बना रही हैं।