कर्तव्य में लापरवाही पर पांच शिक्षक निलंबित

जगदलपुर: कर्तव्य में लापरवाही पर पांच शिक्षक निलंबित, जिला शिक्षा अधिकारी ने की कार्यवाही
जगदलपुर, 10 मई – जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, बस्तर से प्राप्त जानकारी के अनुसार कर्तव्य के प्रति लापरवाही बरतने पर पांच शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई संबंधित विकासखण्ड शिक्षा अधिकारियों से प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर की गई है।
1. गौतम कुमार वर्मा – प्राथमिक शाला कहच्छेनार (विकासखण्ड लोहण्डीगुड़ा):
सहायक शिक्षक एल.बी. गौतम कुमार वर्मा को शाला से अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने के कारण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 3 (उपनियम 1, 2, 3) का दोषी पाया गया। उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर निलंबन अवधि में मुख्यालय खण्ड शिक्षा अधिकारी, लोहण्डीगुड़ा नियत किया गया है।
2. मोसू राम – प्राथमिक शाला छोटेमुरमा (विकासखण्ड जगदलपुर):
प्रधान अध्यापक मोसू राम को शाला समय में शराब पीकर आने, हमेशा नशे में रहने, विद्यालय में उपस्थित नहीं होने तथा समय से पूर्व शाला बंद कर चले जाने के कारण नियम 3 का दोषी मानते हुए निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय खण्ड शिक्षा अधिकारी, जगदलपुर रहेगा।
3. राजकिशोर आचार्य – प्राथमिक शाला बाजारपारा करंजी (विकासखण्ड तोकापाल):
प्रधान अध्यापक राजकिशोर आचार्य को शाला से लगातार अनधिकृत अनुपस्थिति के कारण नियम 3 (उपनियम 1, 2, 3) का दोषी पाते हुए निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय खण्ड शिक्षा अधिकारी, तोकापाल नियत किया गया है।
4. प्रेमनाथ कश्यप – प्राथमिक शाला आमादुला (विकासखण्ड बकावण्ड):
प्रधान अध्यापक प्रेमनाथ कश्यप को शाला समय में शराब सेवन, विद्यार्थियों को न पढ़ाने और अनियमित उपस्थिति के चलते दोषी पाया गया। उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर निलंबन अवधि के लिए मुख्यालय खण्ड शिक्षा अधिकारी, दरभा निर्धारित किया गया है।
5. दीपक कुमार ध्रुव – प्राथमिक शाला मिचनार (विकासखण्ड लोहण्डीगुड़ा):
सहायक शिक्षक दीपक कुमार ध्रुव को अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने के कारण दोषी मानते हुए निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय खण्ड शिक्षा अधिकारी, लोहण्डीगुड़ा जिला बस्तर होगा तथा वे नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता के पात्र होंगे।
जिला शिक्षा विभाग की इस कार्रवाई से स्पष्ट संकेत मिलता है कि शिक्षा की गुणवत्ता और शिक्षक अनुशासन के प्रति सरकार गंभीर है और लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।